IRCTC का 60-दिन का एडवांस रिज़र्वेशन पीरियड (ARP) नियम कैसे काम करता है?
भारतीय रेलवे के 60-दिन के एडवांस रिज़र्वेशन पीरियड (ARP) नियम (1 नवंबर 2024 से लागू, पहले 120 दिन) के अनुसार, किसी भी ट्रेन की जनरल-कोटा टिकट बुकिंग ट्रेन के प्रारंभिक स्टेशन (Origin Station) से प्रस्थान की तारीख को छोड़कर ठीक 60 कैलेंडर दिन पहले सुबह 08:00 बजे IST पर खुलती है।
60 दिनों की गिनती कैसे की जाती है? (कौन सा दिन 'दिन 1' माना जाता है?)
अक्सर यात्री यात्रा की तारीख को भी 60 दिनों में गिन लेते हैं, जिससे वे एक दिन देर से बुकिंग करने पहुंचते हैं। भारतीय रेलवे के आधिकारिक नियम के अनुसार, 60-दिन की अवधि में ट्रेन के प्रारंभिक स्टेशन से यात्रा की तारीख (Date of Journey) को शामिल नहीं किया जाता है।
सूत्र: बुकिंग खुलने की तारीख = प्रारंभिक स्टेशन से प्रस्थान की तारीख − 60 कैलेंडर दिन (सुबह 08:00 बजे IST)। यानी प्रस्थान की तारीख से ठीक एक दिन पहले को 1 दिन पहले गिना जाता है और 60वें दिन पहले सुबह 08:00 बजे बुकिंग विंडो खुलती है।
उदाहरण: ट्रेन 12952 (नई दिल्ली – मुंबई सेंट्रल तेजस राजधानी)
मान लीजिए आप 2 दिसंबर 2026 को नई दिल्ली (NDLS, दिन 1 प्रारंभिक स्टेशन, प्रस्थान 16:55) से ट्रेन 12952 में यात्रा करना चाहते हैं। 2 दिसंबर को छोड़कर पीछे 60 दिन गिनने पर (दिसंबर का 1 दिन + नवंबर के 30 दिन + अक्टूबर के 29 दिन), आपकी जनरल कोटा बुकिंग 3 अक्टूबर 2026 को सुबह 08:00 बजे IST पर खुलेगी।
प्रारंभिक स्टेशन (Origin) की तारीख क्यों महत्वपूर्ण है?
IRCTC किसी भी एक ट्रेन रन के लिए सभी स्टेशनों की बुकिंग एक साथ सुबह 08:00 बजे खोलता है, और इसकी गणना ट्रेन के पहले स्टेशन (Day 1 Origin) से चलने की तारीख के आधार पर होती है।
यदि आपकी ट्रेन आपके स्टेशन पर दूसरे दिन (Day 2) या तीसरे दिन (Day 3) पहुंचती है, तो आपकी बोर्डिंग तारीख से क्रमशः 61 या 62 दिन पहले बुकिंग खुलेगी।
विशेष ट्रेनों के लिए अपवाद
60-दिन का ARP नियम राजधानी, शताब्दी, वंदे भारत और सभी प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों पर लागू होता है, लेकिन कुछ कम दूरी की दिन में चलने वाली इंटरसिटी ट्रेनों (जैसे ताज एक्सप्रेस, गोमती एक्सप्रेस आदि) के लिए बुकिंग अवधि कम (जैसे 30 दिन) हो सकती है।